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पेयजल व्यवस्था के लिए चार हजार करोड़ रूपयों से अधिक का बजट

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jul 22 2019 1:49AM | Updated Date: Jul 22 2019 1:49AM
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भोपाल। मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे ने आज विधानसभा में कहा कि पेयजल व्यवस्था के लिये इस वर्ष 4 हजार 366 करोड़ रूपये का बजट रखा गया है, जो पिछले वर्ष से 47 प्रतिशत अधिक है। पांसे ने वित्त वर्ष 2019 20 के लिए अपने विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब दिया। जवाब के बाद विभाग से संबंधित 4040 करोड़ रूपयों से अधिक की अनुदान मांगों को ध्वनिमत से स्वीकृति प्रदान की गयी। उन्होंने बताया कि हैंडपम्प एवं नलजल योजनाओं के लिये 258 करोड़ रूपये की राशि फरवरी-मार्च में उपलब्ध कराई गई। इससे ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की समस्या नहीं हुई।
 
मंत्री ने बताया कि सरकार ने जल के महत्व और परिस्थितियों को पूर्व से भांपते हुए "राइट टू वाटर" अधिनियम की कल्पना की तथा इस कानून का प्रारूप तैयार करने के लिये एक कमेटी गठित की। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, राजस्व, वन विभाग एवं जल संसाधन को शामिल किया गया है। इस अधिनियम को लागू करने के लिये बजट में एक हजार करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया है। पांसे ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर जहां जरूरत होगी, वहां हैंडपम्प लगवाया जायेगा।
 
नवीन हैंडपंप स्थापना के लिये 125 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया। नवीन एकल नलजल योजनाओं के लिये 600 करोड़ का प्रावधान रखा गया। इससे 600 से अधिक गांव में योजनाएं पूर्ण की जाएंगी। मंत्री पांसे ने बताया कि जहां गत वर्ष पूर्व सरकार के शासन में लगभग साढ़े चार हजार सिंगल फेज पंप लगाये गये थे, वहीं इस वर्ष केवल 6 माह में पेयजल व्यवस्था के लिये 6 हजार से अधिक सिंगल फेज पम्प स्थापित कराये।
 
सरकार द्वारा राज्य मद से हैण्डपंप संधारण के लिये 103 करोड़ रुपयों की व्यवस्था की गई है, जिससे हैण्डपम्पों का समुचित रख-रखाव हेतु कलपुर्जे, राइजर पाइप, मानव संसाधन आदि की व्यवस्था की जायेगी। मंत्री ने बताया कि जल निगम के माध्यम से समूह नलजल योजना में 14 और समूह नलजल योजनाएं मार्च 2020 तक पूर्ण कराई जाने का लक्ष्य है। इससे एक हजार 147 ग्रामों की लगभग 15 लाख जनसंख्या लाभान्वित होगी। इसके पहले अनेक सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए जल संकट की ओर सरकार का ध्यान खींचा।
 
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