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टेंडीवाला बांध की मजबूती के लिए सेना के साथ संयुक्त कार्य योजना बनायी जाये : कैप्टन

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Aug 25 2019 9:14PM | Updated Date: Aug 25 2019 9:14PM
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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने भारत-पाक सरहद पर फिरोजपुर जिले में टेंडीवाल गांव में बांध मजबूत करने के लिए जल स्रोत विभाग को सेना के अधिकारियों के साथ मिलकर संयुक्त कार्य योजना बनाने के लिए कहा है। पंजाब सरकार के आज यहां जारी किये बयान के अनुसार उनकी केंद्र से कल की गई अपील को स्वीकार करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बाढ़ में हुए नुकसान का जायजा लेने वाली केंद्रीय टीम को पंजाब में भी भेजने का फैसला किया हे। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्य सरकार को यह जानकारी दी है कि बाढ़ग्रस्त 11 राज्यों के अलावा केंद्रीय टीम पंजाब आकर भी बाढ़ से हुए नुकसान का मूल्यांकन करेगी।

बयान के अनुसार इसीके साथ फिरोजपुर, जालंधर, कपूरथला और रोपड़ जिलों में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ने की और जल स्रोत विभाग के प्रमुख सचिव को टेंडीवाल के बांध की मजबूती का कार्य युद्ध स्तर पर किये जाने को सुनिश्चित बनाने के लिए कहा जिससे आसपास के गांवों में बाढ़ को टाला जा सके। मुख्यमंत्री ने फिरोजपुर उपायुक्त को बाढ़ के साथ पैदा होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिसाद बल की टीमों को भी तैयार रखने के आदेश दिए।

इस बीच फिरोजपुर उपायुक्त के अनुसार मक्खू और हुसैनीवाला इलाकों के बाढ़ प्रभावित 15 गांवों से लगभग 500 व्यक्तियों को सुरक्षित निकाला गया है जबकि 630 व्यक्तियों को अपेक्षित चिकित्सा सहायता मुहैया करवाई गई है। इसके अलावा लोगों को भोजन के 950 पैकेट मुहैया करवाने के साथ पशुओं के लिए फीड और चारे की सप्लाई के लिए भी उचित बंदोबस्त किये गए हैं। जालंधर में मोबाईल टीमों ने बाढ़ प्रभावित गांवों में 389 परिवारों की देखभाल की है। इसी तरह इन टीमों ने अन्य 665 मरीजों को ओपीडी में इलाज मुहैया करवाया गया। बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब तक 4600 व्यक्ति चिकित्सा शिविरों में जा चुके हैं।

लगभग 31 व्यक्तियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में से निकाल कर राहत कैंपों में ले जाया गया है। जालंधर में स्थानीय निवासियों, धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से जिला प्रशासन ने मायो साहिब और मियोवाल गांव में सतलुज दरिया में दो बड़ी दरारें भर दी हैं जबकि फिल्लौर के भोवाहारी सेलकियाना और शाहकोट में जानियां चाहल गांवों में पड़ी दरारें भरे जाने का काम मुकम्मल होने के करीब है। इसी तरह कपूरथला, रोपड़ और नवांशहर में भी राहत कार्य जारी है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए एक हजार करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की है जबकि अनुमान है कि 1700 करोड़ रुपये का नुकसान पंजाब में हुआ है। 

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