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गुप्ता बंधुओं को तीन करोड़ की सुरक्षा राशि जमा कराने का आदेश

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jun 19 2019 1:59AM | Updated Date: Jun 19 2019 1:59AM
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नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रवासी भारतीयों एवं दक्षिण अफ्रीका के कारोबारी गुप्ता बंधुओं के बेटों की शाही शादी के मामले में तीन करोड़ की सुरक्षा राशि जमा कराने का मंगलवार को आदेश दिया। अदालत ने यह राशि चमोली जिले के जिलाधिकारी के पास जमा कराने के निर्देश दिये हैं। साथ अदालत की अनुमति के बिना राशि वापस नहीं की जा सकेगी। न्यायालय ने चमोली के जिलाधिकारी को भी निर्देश दिये कि कोर्ट के आदेशों का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी उनकी होगी। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। अदालत ने डेढ़ करोड़ की धनराशि बुधवार 19 जून तक और शेष डेढ़ करोड़ की राशि 21 जून से पहले जमा कराने के निर्देश गुप्ता बंधुओं को दिये हैं।

अदालत ने हालांकि कहा कि जमा की गयी धनराशि वापस करने योग्य होगी। उन्होंने कहा प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिलाधिकारी आॅली के संवेदनशील पर्यावरण की क्षति का आकलन कर आठ जुलाई से पहले न्यायालय में एक रिपोर्ट पेश करेंगे तथा इसके बाद ही अदालत की अनुमति से धनराशि वापस की कार्यवाही की जायेगी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से आज अदालत में एक कार्य योजना सौंपी गयी। बोर्ड की ओर से शादी समारोह के चलते ऑली के प्रदूषण पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव को रोकने के लिये कई सुझाव दिये गये थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुझाव के बाद अदालत ने वहां पटाखे फोड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है तथा बैंड व अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर निश्चित सीमा से अधिक पर अनुप्रयोग में लाने पर कार्यवाही करने को कहा है।

अदालत ने कहा कि रात दस बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों की अनुमति नहीं दी जायेगी। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जिस जगह में शादी हो रही है वह बुग्याल नहीं है। बुग्याल उससे लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा शादी का प्रबंधन कराने वाली कंपनी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पूरे समारोह में तीस मशरूम हीटर, 125 केवीए के चार तथा 62 केवीए एक जेनरेटर सेट प्रयोग में लाया जा रहे हैं। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जिस जगह में शादी समारोह हो रहा है वहां जेसीबी को प्रयोग में लाया जा रहा है। इसके बाद अदालत की ओर से संबद्ध क्षेत्र में भूमि के प्रयोग को बदलने पर रोक लगा दी गयी है। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पूरे मामले पर नजर रखने के लिये दो वैज्ञानिकों की तैनाती की गयी है। बोर्ड की ओर से अदालत को बताया गया कि समारोह पर नजर रखने के लिये बोर्ड ने अपने दो वैज्ञानिकों की नियुक्ति कर दी गयी है। दोनों को संबद्ध क्षेत्र में तैनात कर दिया गया हैं।

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