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Lifestyle

आखिर किन कारणों की वजह से महिलाएं निभाती है रिश्‍ता

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jul 20 2019 1:14AM | Updated Date: Jul 20 2019 1:14AM
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हम सब कभी न कभी किसी न किसी रिश्ते से घिरे हुए होते हैं। कहते हैं जोड़ियां आसमान में बनती हैं और रिश्ता धरती पर निभाया जाता है। स्वर्ग में बने ये जोड़ियां आपसी तालमेल और प्यार की कमी हो के चलते रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिका रह सकता है। ऐसे में उनके टूटते हुए रिश्ते को बचाने के लिए महिलाओं के ऊपर जाने-अनजाने दबाव बना होता है। चलिए हम आपको बताएं आखिर कौन से वो 5 कारण जो महिलाओं को रिश्ते में ‘समझौता’ करने के लिए मजबूर करते हैं।
 
परिवार का दबाव - आज भी हमारे देश में रिश्ता बनाना आसान और उसे तोड़ना बेहद मुश्किल माना जाता है। अगर कोई महिला अपने रिश्ते से खुश नहीं है और उससे बाहर निकलना चाहती हैं तो उसके परिवार के लोग उसे रिश्ते में बने रहने की सलाह देने लगते हैं। कई बार परिवार के लोग परिवार, समाज और बच्चों का वास्ता देकर उन्हें अपना रिश्ता बचाने के लिए जोर देने लगते हैं।
 
समाज का डर - कई बार महिलाएं समाज के डर से भी कि ‘लोग क्या कहेंगे’ ये सोचकर अपने हिंसक रिश्ते से बाहर नहीं निकल पाती हैं। इतना ही नहीं कई बार तो वो अपने साथ होने वाले दुर्व्यवहार के बारे में दूसरों से बात करने में भी डरती हैं।

पार्टनर के सुधरने की उम्मीद - ऐसा नहीं है कि इस तरह के रिश्ते में सिर्फ कम पढी लिखी महिलाएं ही फंसी होती हैं। कामकाजी और पढी लिखी महिलाएं भी कई बार ऐसे रिश्तों को मजबूरी में निभाती हैं। इसके पीछे उन्हें अपने पार्टनर के भविष्य में सुधरने की उम्मींद छिपी होती हैं। उन्हें लगता है कि अगर वो अपने पार्टनर को छोड़कर चली जाएंगी तो उनका पार्टनर टूटकर बिखर जाएगा। भावनाओं में बहकर वो सालों साल इस घुटन भरे रिश्ते को निभाती रहती हैं।
 
बच्चों के भविष्य के लिए - हमारे देश में सिंगल पैरेंट बनकर बच्चे की जिम्मेदारी उठाना बहुत मुश्किल काम माना जाता है। ऐसे में बात जब महिलाओं की हो तो उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। ऐसे में अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के चक्कर में वो खुद का भविष्य अंधकार में धकेल देती हैं।
 
कन्फ़्यूजन - मनोवैज्ञानिकों की मानें तो शारीरिक और मानसिक उत्पीड़ना झेलना के बावजूद कई बार महिलाएं अपने रिश्ते को लेकर कन्फ़्यूज रहती हैं। वह अपने साथ होने वाले दुर्व्यवहार के लिए खुद को ही दोषी मानने लगती हैं। जिसकी वजह से धीरे-धीरे उनके भीतर छिपा आत्मसम्मान कहीं खो जाता है और उन्हें लगने लगता है कि उनका जीवन अर्थहीन हो गया है।
 
आर्थिक स्थिति करती है मजबूर - कई बार महिलाएं आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से अपने खर्चों के लिए अपने पार्टनर पर निर्भर हो जाती हैं। जिसकी वजह से अब्यूजिव रिश्ते में रहना उनकी मजबूरी बन जाता है। महिलाएं ये सोचकर कि अगर वो अपने पार्टनर को छोड़कर चली जाएंगी तो उनका और उनके बच्चों का क्या होगा अपने रिश्ते में बनी रहती हैं।
 
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