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समानांतर सिनेमा को पहचान दिलाई श्याम बेनेगल ने

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Dec 14 2019 1:50PM | Updated Date: Dec 14 2019 1:50PM
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मुंबई। भारतीय सिनेमा जगत में श्याम बेनेगल का नाम एक ऐसे फिल्मकार के रूप में शुमार किया जाता है जिन्होंने न सिर्फ सामानांतर सिनेमा को पहचान दिलायी बल्कि स्मिता पाटिल, शबाना आजमी और नसीरउद्दीन साह समेत कई सितारों को स्थापित किया। चौदह दिसंबर 1934 को जन्में श्याम बेनेगल ने अपने करियर की शुरूआत बतौर कॉपीराइटर मुंबई की विज्ञापन ऐजेंसी से की। वर्ष 1962 में श्याम बेनेगल ने अपनी पहली डाक्यूमेंट्री फिल्म गुजराती में बनायी।
 
श्याम बेनेगल ने अपने सिने करियर की शुरूआत बतौर निर्देशक वर्ष 1974 में प्रदर्शित फिल्म अंकुर से की।‘अंकुर’ हैदराबाद की एक सत्य घटना पर आधारित थी। फिल्म के निर्माण के  समय श्याम बेनेगल ने अपनी कहानी कई अभिनेत्रियों को सुनायी लेकिन सभी ने फिल्म में काम करने से मना कर दिया लेकिन शबाना आजमी ने इसे चैलेंज के रूप में लिया और अपने सधे हुये अभिनय से  समीक्षकों के साथ ही दर्शकों का भी दिल जीतकर फिल्म को सुपरहिट बना दिया।
 
शबाना की यह पहली फिल्म थी जिसके लिये उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 1975 में श्याम बेनेगल की मुलाकात स्मिता पाटिल से हुयी। उन दिनों श्याम बेनेगल चरण दास चोर बनाने की तैयारी कर रहे थे। चरण दास चोर एक बाल फिल्म थी जो चिल्ड्रेन फिल्म सोसाइटी ऑफ इंडिया के सहयोग से बनायी जा रही थी। श्याम बेनेगल ने स्मिता पाटिल को अपनी फिल्म के लिये चुन लिया। चरणदास चोर स्मिता के करियर की पहली फिल्म थी।
 
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