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आज से बदल जाएंगे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े ये नियम

By Dabangdunia News Service | Publish Date: Jul 1 2019 1:59AM | Updated Date: Jul 1 2019 1:59AM
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मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए पैसा ट्रांसफर करने पर लगने वाले चार्ज को 1 जुलाई से खत्म करने की घोषणा की है। रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम बड़ी राशियों को एक खाते से दूसरे खाते में तुरंत ट्रांसफर करने की सुविधा है। इसी तरह के जरिये दो लाख रुपए तक तुरंत ट्रांसफर कर सकते हैं। डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक ने इसे खत्म कर दिया है। देश का सबसे बड़ा भारतीय स्टेट बैंक के जरिए पैसे ट्रांसफर के लिए एक रुपए से 5 रुपए का शुल्क लेता है। वहीं के राशि स्थानांतरित करने के लिए वह 5 से 50 रुपए का शुल्क लेता है।

1 जुलाई के बाद कम मिलेगा ब्याज- मोदी सरकार ने कई योजनाओं के ब्याज दरों में कटौती करने का निर्णय लिया है। छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों में 0.10 प्रतिशत की कटौती की है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, नई ब्याज दरें 1 जुलाई से लागू हो जाएगी। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) पर अब 8 प्रतिशत ब्याज दर की बजाए 7.9 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। मोदी सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना ऊपर भी ब्याज दर कम करने का निर्णय लिया है। सुकन्या समृद्धि योजना में 8.5 फीसदी के जगह अह 8.4. प्रतिशत ब्याज मिलेगा। गौरतलब है कि सरकार छोटी बचत योजनाओं पर हर तिमाही ब्याज दर तय करती है। हर महीने की तरह 1 जुलाई से रसोई गैस सिलेंडर की नई कीमतें जारी होंगी। इससे पहले 1 जून को रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी।

इन सेविंग खातों के नियम भी बदलें- अकाउंट के मामले में नियमों को आसान कर दिया है। ऐसे खाताधारकों को चेक बुक और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। हालांकि, बैंक इन सुविधाओं के लिए खाताधारकों को कोई न्यूनतम राशि रखने के लिए नहीं कह सकते। ये नए नियम 1 जुलाई से लागू होंगे। प्राथमिक बचत बैंक जमा खाता (बीएसबीडी) से आशय ऐसे खातों से है, जिसे शून्य राशि से खोला जा सकता है। इसमें कोई न्यूनतम राशि रखने की जरूरत नहीं है। इससे पहले नियमित बचत खाते जैसे खातों को ही अतिरिक्त सुविधा मिलती थी। अत: इन खातों में न्यूनतम राशि रखने की जरूरत होती है और अन्य शुल्क भी देने होते हैं।

42 करोड़ ग्राहकों पर पड़ेगा असर- एसबीआई की ओर से कहा गया है कि 1 जुलाई से रेपो रेट से जुड़े होम लोन आॅफर किए जाएंगे। इसका मतलब यह हुआ कि अगले महीने से एसबीआई की होम लोन की ब्याज दर पूरी तरह रेपो रेट पर आधारित हो जाएगी। अगर इसे आसान भाषा में समझें तो रिजर्व बैंक जब-जब रेपो रेट में बदलाव करेगा उसी आधार पर एसबीआई की होम लोन की ब्‍याज दर भी तय होगी।

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